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Sunday, 4 March 2018

पीएम मोदी ने तोड़ दिया इंदिरा गांधी का रिकॉर्ड


होली के अगले दिन ही सामने आए चुनावी परिणामों ने भारतीय जनता पार्टी के उत्साह में खासा वृर्द्धि कर दी है। त्रिपुरा में बीजेपी की ऐतिहासिक सफलता के पीछे पीएम मोदी के दमदार चुनावी अभियान और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की चुनावी रणनीति को प्रमुख रूप से जिम्मेदार माना जा रहा है। इसी जीत के साथ ही प्रधानमंत्री अपने नाम एक और रिकॉर्ड करने में कामयाब हो चुके हैं। 

खबरों की मानें तो जब से पीएम मोदी प्रधानमंत्री बने हैं तब से अब तक चार सालों में हुए कुल 21 चुनावों में बीजेपी ने 14 राज्यों में जीत हासिल की है। जीत का यह आंकड़ा खुद में ही अकथनीय है। लेकिन अगर पूर्व के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो इससे पहले इंदिरा गांधी के प्रधानमंत्री रहते हुए 4 साल में 19 चुनाव हुए थे। जिनमें कांग्रेस 13 राज्यों में चुनावी जीत हासिल करने में सफल रही थी। 

प्रधानमंत्री द्वारा लिये गये कई कठोर फैसलों के बावजूद मोदी लहर में चार सालों में कोई भी गिरावट दर्ज नहीं की गयी है। हालांकि गुजरात, राजस्थान औऱ मध्य प्रदेश से सामने आए चुनाव परिणामों के बाद मोदी लहर के फीका होने को लेकर कयास लगाए जा रहे थे। लेकिन त्रिपुरा से सामने आए चुनावी परिणामों में बीजेपी ने शून्य से सत्ता के सफर तक पहुंच कर काफी हद तक यह साफ कर दिया है कि चुनावी सफलता के आधार पर पीएम मोदी सबसे ताकतवर राजनेता है। 

Wednesday, 28 February 2018

अगर नहीं रखा इन 7 बातों का ध्यान तो, खतरनाक हो सकती है आपकी HOLI


त्योहारों के दौरान थोड़ी सी भी लापरवाही आपके लिए घातक साबित हो सकती है। रंगो के त्योहार होली में लोग तमाम तरह की सतर्कता बरतते है लेकिन फिर भी अनजाने में या जल्दबाजी में कई बार वह ऐसी गलतियां कर देते हैं, जिनका खामियाजा उन्हें आगे चलकर भुगतना पड़ता है। 

जहां एक ओर होली का त्योहार नजदीक आता है वहीं बाजार में रौनक भी दोगुनी रफ्तार पकड़ने लगती है। इसी चकचौंध में घातक रसायनों का व्यापार भी पूरे जोरों पर होता है। बताते चलें कि रासायनिक रंगों में लेड ऑक्साइड, मरकरी सल्फाइड, एल्युमिनियम ब्रोमाइड और कॉपर सल्फेट जैसे घातक रसायन पाए जाते हैं। जो एलर्जी और तमाम तरह की परेशानियां पैदा करते हैं। 



कौन से रसायन पैदा करते है एलर्जी और कैसे करें बचाव


- होली खेलने के दौरान सिंथेटिक रंगों से बचकर रहें। इनमें लेड ऑक्साइड, कॉपर सल्फेड आदि भयानक कैमिकल पाए जाते हैं। जो एलर्जी और त्वचा में खुजली जैसी समस्याओं को जन्म देने के साथ अंधा तक बना देते हैं। इन कुप्रभावों से बचने के लिए रंगों की जगह हिना, हल्दी पाउडर, चंदन औऱ फूलों की पंखुड़ियों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।



- होली के दिन रंग खेलने से पूर्व शरीर पर नारियल का तेल या सरसों का तेल लगा लेना चाहिए। जिससे रंग त्वचा पर न चिपके। 

- होली में ज्यादा समय तक भीगे रहने के बाद त्वचा में घाव लगने और छिलने के चांस बढ़ जाते हैं। इस तरह की स्थिति से मुखातिब होने पर रंग खेलना बंद कर कटे हुए स्थान पर एंटीसेप्टिक का इस्तेमाल करना चाहिए। 



- रासायनिक रंगों के साथ ही होली पर गुब्बारों से भी बचकर रहना चाहिए। अक्सर यह आंखों में लगकर खासा नुकसान पहुंचाते है। जिससे आंखों की रौशनी तक जा सकती है। 

Thursday, 22 February 2018

इस गांव के लोगों ने 150 साल से नहीं मनाई होली, कारण जानकर आप भी हो जाएंगे हैरान


रंगों के त्योहार होली का नाम जहन में आते ही लोगों के अंतर्मन में एक अलग सा उत्साह आ जाता है। लेकिन हरियाणा के कैय़ल के गुहला चीका स्थित गांव दुसेरपुर के लोग 150 सालों से इस त्योहार के आनंद से अनभिज्ञ हैं। गांव के लोगों द्वारा होली न मनाए जाने के पीछे का कारण बाबा द्वारा दिया गया श्राप है। 

लोगों के अनुसार तकरीबन 150 साल पहले एक ठिगने कद के बाबा का मजाक होली के दिन कुछ लोगों द्वारा उठाया गया।  जिससे नाराज बाबा ने होली दहन के मौके पर ही खुद को जिंदा दफन कर लिया। लेकिन मरने के पहले उन्होंने पूरे गांव को श्रापित कर दिया। श्राप के मुताबिक गांव में जो भी व्यक्ति होली का पर्व मनाएगा उसके परिवार का नाश हो जाएगा। जब गांव वालों ने बाबा की मान मुनव्वल की तो उन्होंने उससे मुक्त होने का तरीका बताया। 

बाबा ने बताया कि जब गांव में होली के दिन गाय के बछड़े या महिला के लड़के का जन्म होगा उसके बाद गांव श्राप से मुक्त हो जाएगा और उसके बाद पूरा गांव होली मना सकेगा। लेकिन संयोगवश 150 साल बीत जाने के बाद भी गांव में किसी बछड़े का लड़के का जन्म होली के दिन न हो सका। इसके विपरीत जिस किसी ने भी श्राप की अनदेखी करते हुए होली मनाने का प्रयास किया उसे नुकसान का सामना करना पड़ा। जिसके चलते इतना समय व्यतीत होने के बाद भी लोग होली नहीं मना पा रहे। 

Thursday, 15 February 2018

अध्यक्ष बनने के बाद से हुए कई बदलाव, चर्चा का विषय बने राहुल


राहुल गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष का पद संभालने के बाद भले ही कांग्रेस हुए चुनावों में जीत हासिल न कर पाई हो लेकिन जो आंकड़े देखने को मिले वह वास्तविक तौर पर लोगों की नजरों में अस्तित्व खो रही कांग्रेस पार्टी के लिए चौकाने वाले हैं। राहुल गांधी के व्यक्तित्व में अचानक हो रहे बदलावों को लेकर उनकी छवि दिन प्रतिदिन निखरती जा रही है। कांग्रेस समर्थक हो या विरोधी लेकिन सभी राहुल गांधी की परिपक्व राजनीति को लेकर चर्चा कर रहे हैं। राहुल गांधी की कुछ ऐसी बाते जो उनके व्यक्तित्व में लगातार निखार ला रही है।


संयम और मर्यादित बयान


राहुल गांधी अध्यक्ष बनने के बाद से लगातार जिस तरह से संयम बनाए हुए हैं वह काबिल ए तारीफ है। गुजरात चुनावों के दौरान की ही बात की जाए तो राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर हमला तो बोला लेकिन वह हमेशा व्यक्तिगत प्रहार से गुरेज करते रहें।


आत्मविश्वास में बढ़ोत्तरी 


अध्यक्ष पद संभालने के बाद से ही राहुल गांधी के आत्मविश्वास में बढ़ोत्तरी देखने को मिली है। इसी के साथ ही वह कठोर निर्णय लेने वाले राजनेता के तौर पर भी लोगों के दिलों में अपनी पकड़ बनाते जा रहे हैं। लोगों के दिलों में पकड़ मजबूत करने के साथ ही राहुल ने प्रतिद्वन्दियों से लड़ने की क्षमता में बढ़ोत्तरी की है।


गुलजार हुई विवेक के घर की गलियां, आखिर एक दिन पहले कहां थे सभी?

राजधानी में शुक्रवार देर रात एप्पल के एरिया सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी की गोली मारकर हत्या कर दी गयी। देर रात तकरीबन 1.30 बजे घटित हुई इस घ...