Lucknow. लगातार सुनाए जा रहे तालिबानी फरमानों पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रवैया अख्तियार करते हुए खाप पंचायतों को फटकार लगाई है। मंगलवार को कोर्ट ने दो बालिगों की रजामंदी के बाद हो रही शादी में खाप पंचायतों का किसी भी प्रकार के दखल को पूरी तरह से अवैध करार दिया। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया दीपक मिश्रा, जस्टिस ए एम खानविलकर औऱ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ की बेंच ने खाप पंचायतों को निर्देश जारी करते हुए कपल्स की सुरक्षा को लेकर गाइडलाइन्स जारी की। इसी के साथ कोर्ट में यह भी साफ कर दिया कि यह गाइडलाइन्स तब तक जारी रहेंगी जब तक इस पर कोई कानून न बन जाए।
आपको बताते चलें कि सुप्रीम कोर्ट में शक्ति वाहिनी नाम की एऩजीओ ने खाप पंचायतों के खिलाफ याचिका दायर की थी। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट की ओर से केन्द्र औऱ राज्य सरकारों को ऑनर किलिंग के मामलों पर रोक लगाने के लिए दिशा निर्देश जारी किये गये है। कोर्ट ने इससे पहले भी सुनवाई के दौरान कहा था कि अगर दो बालिग शादी करने का फैसला करते हैं तो उसमें कोई भी दखल नहीं दे सकता है। कोई समाज, कोई पंचायत, या कोई व्यक्ति उन की शादी पर सवाल नहीं उठा सकता है।
Khap Panchayat matter: Supreme Court disposed off the petition filed by NGO, Shakti Vahini against khap panchayats & seeking directions to Centre and state governments for preventing honour killings— ANI (@ANI) March 27, 2018


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