Monday, 26 February 2018

महिलाओं को लेकर सामने आए यह आंकड़े, कहीं न कहीं खड़े करते है सरकार की तमाम नीतियों पर सवाल


महिलाओं के खिलाफ लगातार बढ़ रहे अपराधों के बाद गृह मंत्रालय की ओर से आई रिपोर्ट ने चौकाने वाला खुलासा किया है। सामने आई रिपोर्ट के अनुसार जहां एक ओर लगातार महिलाओं के खिलाफ अपराध में तेजी से वृद्धि हो रही है वहीं पुलिस में महिलाओं की उपस्थिति महज 7.28 फीसदी ही है। जबकि नक्सल प्रभावित क्षेत्र तेलंगाना में तो यह सबसे कम सिर्फ 2.47 फीसदी है। 

सरकार की ओर से जारी किये गये आंकड़ो में महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराधों में बढ़ोत्तरी को साफ तौर पर देखा जा सकता है। जहां वर्ष 2015 में महिलाओं के विरुद्ध 3,29,243 मामले सामने आए वहीं 2016 में अपराधों में बढ़ोत्तरी दर्ज की गयी और यह आंकड़ा बढ़कर 3,38,954 पहुंच गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार केन्द्रीय गृह मंत्रालय की ओर से 2009, 2012 और 2016 में पत्र लिखकर महिला पुलिसकर्मियों की संख्या में वृद्धि कर इनकी संख्या 33 फीसदी तक किये जाने की मांग की थी। लेकिन इतना समय बीत जाने के बाद भी यह आंकड़ा 7.28 फीसदी तक ही पहुंच सका है। 

सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में भी महिलाओं की पुलिस बल में उपस्थिति का आंकड़ा संतोषजनक नहीं है। बताते चलें कि यूपी में पुलिसबल में महज 3.81 फीसदी ही महिलाएं है। उनकी स्वीकृत संख्या 3,65,000 है। यूपी से इतर केन्द्रशासित प्रदेश चंडीगढ़ में महिला पुलिसकर्मियों की संख्या सर्वाधिक पाई गयी और वहां तकरीबन यह संख्या 85000 है। आंकड़ों की बात की जाए तो वहां 8.64 फीसदी महिलाएं पुलिस बल में तैनात है।

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